वाराणसी। शिया मुसलमानों के चौथे इमाम जैनुल आब्दीन की शहादत पर शहर भर में मजलिस और इबादतों का दौर चला। नौहा मातम के जरिए अकीदतमंदों ने इबादतों की शान चौथे इमाम को याद किया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि सोमवार को गौरीगंज में कमाल साहब के निवास पर अंजुमन मतामिया अब्बासिया ने नौहाख्वानी और मातम किया। मजलिस को मौलान अकील साहब ने खिताब किया। डॉ. शफीक हैदर के भदऊं स्थित निवास पर मजलिस हुई। जिसमें लईक हैदर ने मर्सिया पढ़ा। हाजी फरमान हैदर ने सोज पेश किया और प्रो. अजीज हैदर ने मजलिस को खिताब किया। अंजुमन सज्जादिया ने नौहाख्वानी और मातम किया। दूसरी कदीमी मजलिस मुर्तुजा हुसैन के निवास पर कच्ची सराय में जैनुल हसन के संयोजन में आयोजित हुई। मजलिस को डॉ शफीक हैदर ने खिताब किया। अंजुमन हैदरी चौक ने इमाम की शहादत के सिलसिले से नौहा मातम किया और इमाम का ताबूत की शबीह भी उठाई। शेख सलीम फाटक पर स्व. शब्बर हुसैन के निवास पर पांच दिवसीय मजलिस के अंतिम रोज मौलाना मेराज हुसैन और मौलाना अली इमाम जाफरी ने मजलिसों को खिताब किया। अंजुमन जव्वादिया ने नौहाख्वानी की और अलम की जिय़ारत की । इसके अतिरिक्त बजरडीहा, शिवपुर, रामनगर, पड़ाव आदि स्थानों पर भी मजलिसें हुईं।