जापान के प्रसिद्ध नदी विज्ञानी प्रो. मोरीनागा के साथ मनोज तिवारी
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मनोज ने बताया कि जापान नदियों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और उसकी रीसाइक्लिंग में दुनिया में सबसे आगे है। बताया कि पिछले दिनों जापान का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में आकर मुझसे मिला था और यमुना नदी की स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन का एक विस्तृत प्रस्ताव रखा था। दिल्ली में यमुना पूरी तरह से प्रदूषण की गिरफ्त में है। यमुना नदी में व्याप्त गंदगी का असर प्रयागराज तक लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के सहयोग से गंगा नदी के निर्मलीकरण और स्वच्छता का एक सफल प्रयास किया है। उसका असर अब दिखने लगा है।
बकौल मनोज, प्रो. मोरीनागा के साथ क्योटो शहर का दौरा करने के दौरान काशी का सुरम्य गंगा तट याद आ गया। क्योटो में काशी की झलक मिलती है। भारत में नदी किनारे घर बनाने को लोग खतरनाक मानते हैं, मगर जापान में यही खूबसूरती है। बड़ी-बड़ी आलीशान इमारतें यहां नदियों के किनारे देखीं जा सकती हैं। मगर इन इमारतों से निकलने वाला सूखा और गीला कचरा सीधे ट्रीटमेंट प्लांट को जाता है। नदी स्वच्छ और अविरल है।
तबला वादन करते बनारस के दीपक सिंह
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भाजपा सांसद ने अमर उजाला से जो वीडियो साझा किया उसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ भोजपुरी संगीत भी शामिल है। खुद मनोज हारमोनियम के साथ दिख रहे हैं जबकि बनारस के ही युवा तबला वादक दीपक सिंह अलग-अलग टुकड़ा बजाकर जापानी लोगों की वाहवाही बटोर रहे हैं। यह वीडियो ओसाका शहर का है। भारतीय दल नौका से नदी में भ्रमण कर रहा है जो काशी के बजड़े की याद दिला रहा है। लोग सज धज के नदी के किनारे बैठते भी हैं। इस दौरान गीत-संगीत का दौर भी चल रहा है।