नेपाल के संस्कृत विद्वानों ने शनिवार को बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से मुलाकात कर काशी और नेपाल के संबंध पर चर्चा की। इस दौरान बीएचयू और नेपाल के शैक्षणिक संस्थानों के बीच एमओयू पर विमर्श हुआ। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि सांस्कृतिक निरंतरता को बनाए रखते हुए नए विचारों और नई कार्य प्रणाली को अपनाने की दिशा में कार्य करना होगा। प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान कुलपति ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को भुलाया नहीं जाना चाहिए। प्रगति के लिए उद्देश्यपूर्ण ढंग से आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्नति केवल इतिहास की पुनरावृत्ति पर आधारित नहीं हो सकती है, बल्कि इसे नवाचार और नवीन दृष्टिकोण पर आधारित खोज के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। नेपाल का प्रतिनिधिमंडल काशी में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित काशी-नेपाल शास्त्र संगमम में भाग लेने के लिए आया है। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल ने बताया कि बीएचयू और नेपाल के विद्वान शैक्षणिक और बौद्धिक आदान-प्रदान में शामिल रहे हैं। बैठक के दौरान कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने इस तरह की पहल को सभी के लिए उपयोगी बताया।