दोपहर में घटनास्थल पर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम के संग पहुंचे पुलिस आयुक्त ए सतीण गणेश ने मकान के अंदर और बाहरी परिसर का निरीक्षण किया। गलियों में पैदल घूमकर आसपास लोगों से पूछताछ की। बगल वाले छत से घटना की बारीकी से जांच किया। एक घंटे से भी अधिक समय तक टीम के साथ छानबीन की। पोस्टमार्टम के बाद मां व बहन के शव का अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर हुआ। छोटे बेटे अंजनी ने मुखाग्नि दी।
नरिया प्राथमिक विद्यालय के पास मकान में मिले थे मां-बेटी के शव
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लंका पुलिस के अनुसार बेटी को बेड से खींचकर गलियारे में मारा गया, क्योंकि दीपिका बेड शीट हाथ में पकड़ी थी, जो बेड से लगा था। घटना स्थल के समीप लगे दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाला गया। प्राथमिक विद्यालय के पीछे वाली गली आगे जाकर तीन हिस्सों में बंट जाती है। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि हमलावर पिछले दरवाजे से घर में घुसे थे। बेटी की गलियारे में शव था तो वहीं, मां सुनीता पिछले दरवाजे के पास लॉबी में गिरी मिली थी।
मां और इकलौती बहन की हत्या की सूचना पर भी बड़ा बेटा अखिलेश पांडेय नई दिल्ली से घर नहीं पहुंचा। बृहस्पतिवार की रात में संकट मोचन चौकी प्रभारी ने फोन किया तो बेटे ने अपना लोकेशन दिल्ली में बताया, देर रात दो बजे बेटे का लोकेशन जांचने पर कन्नौज में मिला। इसके बाद से उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
पुलिस कर्मियों के अनुसार बड़े बेटे की पत्नी फोन पर पहले दिन दाह संस्कार के बारे में पूछ रही थी। लंका पुलिस के अनुसार पिछले नवंबर माह में छोटे भाई अंजनी की पुलिसकर्मियों से किसी बात पर विवाद हुआ था तो नई दिली से विमान से तीन घंटे में बनारस आ गया था। इस बात की चर्चाएं मोहल्ले के लोगों में भी रहीं।