हरी साड़ी संग सोलह शृंगार, कजरी गीत और मल्हार। मेहंदी रचे हाथ और झूले पर परिवार का साथ..। कुछ ऐसा ही माहौल था रविवार को शहर के घरों में जहां महिलाएं हरियाली तीज का उत्सव मना रही थीं। सावन में पड़ने वाला महिलाओं का खास त्योहार हरियाली तीज पूरे शहर में धूमधाम से मनाया गया। शहर के पार्कों, घरों के साथ ही क्लबों में भी तीज के उत्सव की धूम रही। हरे परिधानों में महिलाओं ने सोलह शृंगार कर अखंड सौभाग्य के लिए मां गौरी व भगवान शिव की पूजा की और पति के लंबी उम्र की कामना की। इसके साथ ही महिलाओं ने सखियों संग झूले का आनंद लिया और कजरी गाई।
महिलाओं ने खूब गाया कजरी
सावन में चारों ओर कजरी की धुन सुनाई देती है। हरियाली तीज पर महिलाओं ने कइसे खेलन जइबू सावन में कजरिया, हरे रामा रिमझिम बरसे ला पनिया, पिया मेहंदी लिया दा मोतीझील से ना.. आदि गीत गाए।
पहली तीज बन गई यादगार
सिगरा निवासी रिचा की शादी के बाद पहली हरियाली तीज हमेशा के लिए यादगार बन गई। उन्होंने बताया कि व्रत के लिए सास से मिला उपहार और मायके से आए सिंधोरे में मेरे पसंद की सारी चीजें थी।
हर साल रहता है तीज का इंतजार
रथयात्रा निवासी अनीता को शादी के बाद से हर साल तीज का इंतजार रहता है। इस साल दूसरी बार पति के लिए व्रत रखा और पूजा की। हर साल पति से उपहार मिलता है, तीज के लिए काफी उत्साहित रहती हूं।
बहुओं के साथ मनाई तीज
रविंद्रपुरी निवासी सपना बताती हैं, हर साल परंपरागत तरीके से तीज मनाती हूं। सावन आते ही घर पर तीज की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस साल अपनी बहुओं से साथ तीज मनाया और उनको उपहार दिया।