माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद सरस्वती समेत साधु-संतों व श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार शर्मनाक और निंदनीय है। प्रशासन ने उनके साथ दुर्व्यवहार कर गलत किया है। ये बातें रविवार को कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने पत्रकारों से कहीं। कहा कि शाही-स्नान जैसी सदियों पुरानी सनातन परंपरा में सरकारी हस्तक्षेप कर विघ्न डालना और शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च धर्मगुरु के साथ धक्का-मुक्की किया जाना, पूरे सनातन समाज की आत्मा को आहत करने वाला कृत्य है। प्रश्न किया कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों बार-बार सामने आती हैं? क्या मौनी अमावस्या का शाही-स्नान पहली बार हो रहा है? सच्चाई यह है कि यह योगी की भाजपा के कुशासन, प्रशासनिक अयोग्यता और सत्ता के अहंकार का परिणाम है। राघवेंद्र चौबे ने मांग की कि इस अपमान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करे।