यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में अंकपत्र, प्रमाणपत्र में गड़बड़ी सुधारने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिषद 1986 से 2022 तक के अभिलेखों की नए सिरे से पड़ताल करेगा। जिले वार कैंप लगाकर गड़बड़ियों को दूर कराया जाएगा। अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की ओर से परीक्षा परिणाम के बाद जो अंकपत्र, प्रमाण पत्र मिलते हैं, उसमें परीक्षार्थियों की ओर से नाम, जन्म तिथि संबंधी गड़बड़ियों की शिकायत की जाती है। उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं। मिलान न हो पाने की वजह से शिकायतों का निस्तारण भी नहीं हो पाता है। समय के साथ ही आने-जाने में रुपये भी खर्च होते हैं। पहली बार परिषद की ओर से एक बड़ी पहल की गई है, इससे लोगों को राहत होगी।
पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में लटके हैं 40 हजार आवेदन
क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के साथ ही मेरठ, बरेली, प्रयागराज और गोरखपुर के तहत आने वाले जिलों में 12 से 30 जून के बीच कैंप लगाए जाएंगे। परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि पांचों क्षेत्रीय कार्यालय में कुल 40 हजार आवेदन लटके हैं, जिनका निस्तारण अभिलेखों के अभाव में नहीं हो पाया है। ऐसे आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से कैंप के लिए अलग-अलग तिथियां तय की जाएंगी।
पहले चरण में 12 से 14 सात जिलों में लगेगा कैंप
वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव सतीश कुमार सिंह ने बताया कि 1986 से 2022 तक करीब पांच हजार आवेदन ऐसे हैं जिनका कुछ न कुछ अभिलेखों के अभाव में निस्तारण नहीं हो पाया है। जिलेवार आवेदनों की सूची तैयार कराई जा रही है। पहले चरण में 12 से 14 जून के बीच सात जिलों में कैंप लगाकर निस्तारण कराया जाएगा। वाराणसी के साथ ही गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, सुल्तानपुर, देवरिया भी शामिल हैं। इसके बाद आठ जिलों में कैंप लगाया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक की होगी विशेष जिम्मेदारी
संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक की विशेष जिम्मेदारी होगी। कैंप राजकीय विद्यालयों या ऐसे जगह पर लगाया जाएगा, जहां छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बैठने, पेयजल की व्यवस्था हो ओर कोई परेशानी न हो। कैंप में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित अन्य कर्मचारी पूरे अभिलेख सहित आएंगे। ताकि मौके पर निस्तारण कराया जा सके।