कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद प्रवासी अब फिर से अपने काम धंधों पर लौटने लगे हैं। बनारस सहित पूर्वांचल भर के श्रमिकों से अब
कैंट स्टेशन गुलजार होने लगा है। वाराणसी से मुंबई, सूरत, गुजरात, अहमदाबाद, हैदराबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों में जहां 15 दिन पहले सीटें खाली थीं तो अब वहीं वेटिंग दिखनी शुरू हो गई हैं। खास कर बिहार, झारखंड से होकर बनारस से मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनों में सप्ताह भर तक नहीं है। सोमवार को कैंट स्टेशन पर हर दिन की अपेक्षा यात्रियों की भीड़ थोड़ी अधिक भी रही। मुंबई की ओर जाने वाली महानगरी, कमायनी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल ट्रेनों में 31 मई तक जगह नहीं है। लगभग सभी श्रेणियों में वेटिंग लिस्ट है। वहीं महाराष्ट्र लौटने वाले प्रवासी अपने साथ 48 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट भी लेकर जा रहे हैं। कुछ प्रवासियों ने बताया कि डेढ़ से दो माह तक घर बैठ गए थे, अब महाराष्ट्र में स्थिति सामान्य हो रही है तो उद्योग और धंधे भी खुलने लगे हैं। इसलिए कंपनियों की ओर से बुलावा आ रहा है। टिकट और कोविड जांच रिपोर्ट का भी पैसा कंपनियों की ओर खाते में भेज दिया जा रहा है। वहीं कुछ प्रवासियों ने बताया कि एडवांस सैलरी तक भेजी जा रही है।
हैदराबाद जा रहे हैं, वहीं एक कंपनी में काम करते थे। कंपनी की ओर से टिकट भेजा गया। घर परिवार चलाने के लिए काम जरूरी है। -सूरज, आजमगढ़
संक्रमण कम हुआ तो कंपनी की ओर से टिकट भेजा गया। यहां काम कुछ समझ में नहीं आया तो हैदराबाद वापस जाना ही उचित समझा। -अभिषेक, आजमगढ़