महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल) मूल्यांकन के लिए महीनेभर और इंतजार करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके त्यागी का कार्यकाल छह महीने बढ़ने के बाद नैक मूल्यांकन पर सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। नैक से जुड़ी शुरुआती प्रक्रियाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं। अब विश्वविद्यालय की ओर से नैक मूल्यांकन के लिए डेट प्रस्तावित किया जाना बाकी है। इस प्रक्रिया में एक माह का समय लग सकता है। ऐसे में अगस्त में नैक की संभावना व्यक्त की जा रही है।
काशी विद्यापीठ को पिछले नैक मूल्यांकन में सी ग्रेड मिला था। विश्वविद्यालय ग्रेड सुधारने के लिए प्रयासरत है। काशी विद्यापीठ का नैक मूल्यांकन पहले 25 मई को किया जाना था। इसके निमित्त विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल पर काम करने के साथ परिसर की साफ-सफाई और भवनों का रंगरोगन कराया गया। मगर, छठे और सातवें चरण में वाराणसी जिले में लोकसभा चुनाव होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया और तय किया गया कि चार जून को मतगणना के बाद नैक मूल्यांकन के लिए कभी भी पीयर टीम विश्वविद्यालय में धमक सकती है, लेकिन इस दौरान मूल्यांकन नहीं हो सका। 22 जून को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके त्यागी का कार्यकाल खत्म रहा था। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि नैक के लिए डीवीवी (डाटा वैलिडेशन एंड वेरिफिकेशन) का कार्य हो चुका है। इसमें विश्वविद्यालय की स्थिति ठीक है। अगस्त में नैक कराने की पूरी तैयारी है।