सातवीं मुहर्रम पर मंगलवार को इमाम कासिम की याद में मेहंदी के ऐतिहासिक जुलूस अकीदत के साथ उठाए गए। चौहट्टा से अंजुमन आबिदिया के इमामबाड़े, सदर इमामबाड़ा और दोषीपुरा से कदीमी जुलूस उठाकर अजादारों ने नौहा मातम पेश किया। वहीं, छठवीं मुहर्रम को कच्ची सराय से उठा 40 घंटे का दुलदुल जुलूस कदीमी मोहल्लों से गुजरा। यह जुलूस चौक, मुकीमगंज, प्रह्लादघाट और कोयला बाजार के कदीमी रास्तों से होकर आगे बढ़ा। जुलूस के मार्ग में जगह-जगह सबील लगाए गए थे। शिया समुदाय के साथ हिंदू और अहले-सुन्नत समाज के लोगों ने भी अजादारों की सेवा की, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की झलक दिखी। हजरत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने बताया कि आठवीं मुहर्रम बुधवार को चहमामा इमामबाड़े से अलम और तुर्बत का जुलूस निकलेगा। अर्दली बाजार से दुलदुल, अलम, ताबूत का जुलूस उठेगा। इसकी जानकारी इरशाद हुसैन ने दी।