वाराणासी। दुर्गाकुण्ड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कथा वाचक धामेश्वरी देवी ने कहा कि मनुष्य का मन सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी माया के अधीन रहता है। इसी कारण हमारे मन के विचार प्रतिक्षण बदलते रहते हैं। धामेश्वरी देवी ने बताया कि कोई भी सांसारिक विचार मन में आते ही मन को वहां से हटाकर तुरंत भगवान में लगाना चाहिए। आसक्त मन को भगवान में लगाने से गुरु और प्रभु की कृपा होगी और आप मोह माया से दूर होकर भगवान के शरण में आ जाएंगे।