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Varanasi: ज्ञानवापी में मिले चिह्नों को सुरक्षित करने की मांग पर मसाजिद कमेटी ने दाखिल की आपत्ति, 22 को सुनवाई

Thu, 17 Aug 2023 09:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मामले में वादिनी राखी सिंह के आवेदन पर गुरुवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने इस मुद्दे पर आपत्ति दाखिल की और आवेदन का जवाब देने के लिए समय मांगा। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मामले में वादिनी राखी सिंह के आवेदन पर गुरुवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। प्रकरण में सुनवाई की अगली तिथि 22 अगस्त नियत की गई है। हिंदू पक्ष की चार अन्य महिला वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की तरफ से कहा गया कि राखी सिंह ने ज्ञानवापी में मिले हिंदू धर्म से संबंधित प्रतीक चिह्नों को सुरक्षित व संरक्षित करने का आवेदन दिया है। उसकी प्रति उन्हें नहीं दी गई है। उसका जवाब दाखिल करने के लिए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सुधीर त्रिपाठी और सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने प्रति देने का अनुरोध किया।

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दूसरी तरफ, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति दाखिल की और आवेदन का जवाब देने के लिए समय मांगा। मसाजिद कमेटी ने ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे के लिए फीस जमा न करने और और सर्वे के संबंध में कानूनी तौर पर जानकारी नहीं देने का मुद्दा उठाया।

विष्णु शंकर जैन ने पेश की दलील

इस पर अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि यह मुद्दा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी मसाजिद कमेटी की तरफ से उठाया गया था। मगर, वहां से कोई राहत नहीं मिली।

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ऐसे में इस आवेदन में बल नहीं हैं। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तिथि नियत कर दी।
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