संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्म स्थली सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर में तीन वक्त आरती पूजा होती हैं। सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ ही दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो जाता है। इस दौरान गुरुवाणी का पाठ और भजन-कीर्तन होता है। रोज 16 घंटे दर्शन होते हैं। मंदिर के प्रबंधक रणवीर सिंह ने बताया कि सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ संत पूजा होती है। गुरु को नवीन वस्त्र धारण करवाकर सुगंधित पुष्पों से शृंगार कर पूजा होती है। गुरुवाणी का जप होता है। 7:30 बजे तक कीर्तन और अरदास होता है। इसके बाद दिनभर दर्शन का सिलसिला चलता है। बताया कि शाम को पांच बजे से गुरुवाणी पाठ होता है। रात में आठ बजे से पूजा और आरती होती है। रात में साढ़े आठ और नौ बजे के बीच शयन आरती के बाद मंदिर का पट बंद हो जाता है। गुरु को हलवे का भोग लगता है। प्रबंधक ने बताया कि संत रविदास के 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर में वर्षभर चलने वाला अमृतवाणी पाठ प्रतिदिन सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक चलता है।