जलालपुर। मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ में 15 जनवरी को सरैया पराउगंज निवासी शेरबहादुर बिंद का शव मिला था। पुलिस ने शुक्रवार की रात असबरनपुर से हाईवे की तरफ अंडरपास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर युवक की हत्या का खुलासा किया हैैै। पुलिस ने बताया कि दोस्त को प्रेमिका से मिलाने के कारण शेर बहादुर की जान ली गई। पुलिस ने दोनोंं आरोपियों को जेल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक जलालपुर राजेश यादव ने बताया कि शनिवार की रात संदिग्ध व्यक्ति वाहन की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिली कि शेरबहादुर बिंद के हत्या में शामिल आरोपी असबरनपुर से हाईवे की तरफ अंडरपास हाईवे पुल की तरफ जा रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर सूरज सरोज व हुसैन निवासी असबरनपुर थाना जलालपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सूरज ने बताया कि भोनू बिंद का ननिहाल असबरनपुर में है। इस कारण उसका गांव में आना-जाना था। भोनू बिंद मेरी बहन से शादी करना चाहता था जो हम लोगों को मंजूर नहीं था। नौ जनवरी को भोनू दोस्त शेरबहादुर बिंद के साथ मेरे गांव आया। भोनू को छोड़कर शेरबहादुर बाइक लेकर चला गया। मेरी बहन खेत में भोनू से मिलने गई तो मेरे माता-पिता ने देख लिया और उसे दौड़ाया लेकिन वह नहीं मिला। मैं अपने साथी हुसैन के साथ भोनू की तलाश करने लगा। इस बात की जानकारी मैंने अपने मामा के लड़के को दी तो वह अपने दो दोस्तों के साथ वाराणसी से कार लेकर आया। हम सभी भोनू की तलाश करने लगे। इस दौरान शेरबहादुर बिंद मिल गया। शेरहबदुर को कार में बैठाकर भोनू को बुलवाने का प्रयास किया गया लेकिन भोनू नहीं आया। शेरबहादुर की मामा के लड़के के दोस्त से पहले मारपीट हुई थी। इस पर वह दोस्त मिर्जापुर रूम पर ले जाकर खाना खाने की बात कह कर शेरबहादुर को चुनार के रास्ते सक्तेशगढ़ ऊंची पहाड़ी पर ले गया। वहां हम सब लोगों ने शेरबहादुर बिंद को गाड़ी से खींचकर ऊंची पहाडी से गहरी पथरीली खाई में फेंक दिया और उसी गाड़ी से वापस चले आए।