वाराणसी। महात्मा गांधी अध्ययन समिति के 44वें अधिवेशन के समापन समारोह में महात्मा गांधी के दर्शन पर वक्ताओं ने बात रखी। मुख्य अतिथि मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय के कुलपति सैयद एनुल हसन ने कहा कि महात्मा गांधी ने केवल अंग्रेजों द्वारा की गई हिंसा का ही नहीं बल्कि घरेलू हिंसा का भी विरोध किया। महात्मा गांधी के अहिंसा सिद्धांत का पालन कर शांति की स्थापना की जा सकती है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी का व्यावहारिक आदर्शवाद सराहनीय और प्रेरक है। संचालन प्रो. शैलेश मिश्रा, धन्यवाद प्रो. आरपी द्विवेदी ने दिया। अधिवेशन में डॉ. रूद्रानंद तिवारी, प्रो. सतीश राय, प्रो. एमएम वर्मा मौजूद रहे। ब्यूरो