वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह 10 दिसंबर को होगा। शनिवार को विद्या परिषद की बैठक में इस पर मुहर लग गई। इसके साथ ही तैयारियों को तेज करने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही रशियन भाषा में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम पर भी सहमति दी गई। संस्कृत विभाग में स्नातकोत्तर स्तर पर हिंदू अध्ययन के पाठ्यक्रम को शुरू करने पर विचार हुआ।
शनिवार को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में विद्या परिषद की बैठक संपन्न हुई। परीक्षा समिति की बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। 10 दिसंबर को प्रस्तावित 43वें दीक्षांत समारोह पर चर्चा हुई और परिषद ने इस पर सहमति दे दी।
दीनदयाल शोध पीठ पर शोध कार्य किए जाने की सहमति दी गई और काशी नरेश पीजी कॉलेज में शोध कोर्स वर्क केंद्र बनाए जाने के लिए तैयार रिपोर्ट पर चर्चा हुई। इस दौरान कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, सहायक कुलसचिव हरीशचंद्र, पूर्व कुलपति मिजोरम विश्वविद्यालय प्रो. एएन राय, प्रो. सुधीर शुक्ला, प्रो. निरंजन सहाय, प्रो. ओमप्रकाश सिंह, प्रो. बृजेश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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