वाराणसी। अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से होने वाले समारोह में वक्ताओं ने महामना के जीवन आदर्शों की चर्चा की। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रो. विवेकानंद की 11 पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ।
मुख्य वक्ता अल्मोड़ा के जिला जज श्रीकांत पांडेय ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को सनातन धर्म और भारतीयता का प्रतीक बताया। कहा कि महामना का जीवन आदर्श प्रेरणादायी है। उन्होंने हमेशा सारस्वत चिंतन पर बल दिया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि भारतीय मनीषियों का जीवन हमें सदैव सकारात्मक दिशा में कार्य करते रहने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में डॉ. नर्वदेश्वर तिवारी,डॉ. उपेंद्र त्रिपाठी, डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, डॉ. गजानन पांडेय, डॉ. अजय कुमार सिंह,डॉ. देवेंद्र तिवारी,डॉ. विनोद कुमार जायसवाल,डॉ. शैलेश कुमार त्रिपाठी, अमरेंद्र ओझा और चिकित्सा से डॉ.एके द्विवेदी, डॉ. ओपी उपाध्याय सम्मानित किए गए। इसके अलावा विज्ञान, प्रशासनिक, धर्म, अभिनय, युवा सम्मान, पत्रकारिता, समाजसेवा के लिए भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. सत्यपाल यादव, चंद्रशेखर चतुर्वेदी, हिमांशु सिंह, डाॅ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अवधेश भट्ट मौजूद रहे। संवाद