29 अगस्त 2009 को मऊ में ठेकेदार मन्ना सिंह और उनके साथी राजेश राय की हत्या की गई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित आठ आरोपी निचली अदालत से दोषमुक्त किए जा चुके हैं। 19 मार्च 2010 को मन्ना सिंह की हत्या के चश्मदीद गवाह उनके मुनीम रहे राम सिंह मौर्य और गनर सतीश की हत्या गाजीपुर में की गई।
माफिया मुख्तार अंसारी का परिवार प्रतिष्ठित था। उसके चचेरे दादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी 1926-27 के बीच कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने मद्रास से मेडिकल की पढ़ाई की थी। यूनाइटेड किंगडम से एमएस और एमडी की डिग्री लेकर सर्जरी पर शोध किया था। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया के संस्थापक सदस्य और कुलपति भी रहे।
मऊ जिले के बीबीपुर गांव में जन्मे ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान रिश्ते में मुख्तार अंसारी के नाना थे। मुख्तार अंसारी के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी गाजीपुर में स्थानीय स्तर की राजनीति में सक्रिय थे और वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थे। देश में सबसे लंबे समय तक उप राष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी रिश्ते में मुख्तार अंसारी के चाचा लगते हैं।
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की अब तक 291 करोड़ 19 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त हो चुकी है। साथ ही 284 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति ध्वस्त की जा चुकी है।
माफिया मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ 97 मुकदमे दर्ज हैं। माफिया मुख्तार अंसारी पर 61, अफजाल अंसारी पर सात, सिबगतुल्लाह अंसारी पर तीन, मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी पर 11, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर आठ, उमर अंसारी पर छह और अब्बास की पत्नी निखत बानो पर एक मुकदमा दर्ज है। आफ्शां अंसारी और उमर अंसारी मौजूदा समय में फरार घोषित हैं।