विद्या, ज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी मां शारदा का आज घर-घर पूजन होगा। वसंत पंचमी पर अभिजीत मुहूर्त में मां वाग्देवी का पूजन कर श्रद्धालु मां सरस्वती से ज्ञान का आशीर्वाद लेंगे। मां शारदा के पूजन के साथ ही फाग का उल्लास भी शुरू हो जाएगा। देर रात तक पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमाओं के पहुंचने का दौर चलता रहा। तीन सौ से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। 26 जनवरी को घरों से लेकर शिक्षण संस्थानों में वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का आह्वान होगा। बुधवार को मां सरस्वती की पूजा के लिए शिव की नगरी काशी में उल्लास नजर आया। लक्सा, गोदौलिया, चौक, अर्दली बाजार व मंडुवाडीह इलाकों में मूर्ति की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। माला-फूल की दुकानों पर भी वसंत पंचमी के पूजन के लिए फूल-माला के साथ ही धान, सरसों और नई फसल की बालियों को खरीदारी होती रही। पंडालों में प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला भी अनवरत चलता रहा। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि पंचमी तिथि बुधवार की शाम को 5:58 बजे से शुरू हो गई है और 26 जनवरी को शाम 4:17 बजे तक रहेगी। वसंत पंचमी मां सरस्वती के प्रगट होने का उत्सव है। यह दिन संगीत, कला से जुड़े लोगों के लिए खास है और इस दिन कोई विद्या सीखने की शुरूआत कर सकते हैं। इसे वागीश्वरी जयंती या श्री पंचमी भी कहते हैं।