श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुंड में मंगलवार को श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास पं. शशिशेखर महाराज ने कहा कि जब भक्त कपट, दिखावा और अहंकार त्यागकर निष्कपट भाव से प्रभु के गुणों का गान करता है, तब श्रीराम उसे अपनी भक्ति सुलभ कराते हैं। भाईजी के 134वें जयंती महोत्सव के तहत कथा में उन्होंने कहा कि सभी जीवों में ईश्वर को देखना, जो प्राप्त हो उसमें संतुष्ट रहना, परदोष न देखना और सबके साथ छलहीन व्यवहार करना ही सच्ची भक्ति है। प्रभु श्रीराम ने शबरी पर अनुग्रह करते हुए नवधा भक्ति का मर्म समझाया था। प्रारंभ में व्यासपीठ का पूजन कृष्ण कुमार जालान व सचिव अखिलेश खेमका ने किया। इस दौरान श्याम सुंदर प्रसाद, नागर प्रसाद दाधिच, राकेश गोयल, अनिल झंवर, विजय कुमार मिश्र व नीरज दुबे उपस्थित रहे।