सारनाथ स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर सोमवार को गर्भवती महिला का कलर डाप्लर नहीं हो सका। इससे महिलाओं व तीमारदारों को परेशानी हुई। आरोप है कि केंद्र पर कलर डाप्लर मशीन है, लेकिन आलमारी में बंद होने और चाबी न मिलने से जांच नहीं हो सकी।
सारनाथ सीएचसी में ओपीडी व नार्मल डिलीवरी की सुविधा है। सोमवार को चौबेपुर के पुरानपट्टी गांव निवासी गर्भवती महिला सुकांक्षा पांडेय को तीमारदार जांच के लिए ले आए। परिजनों के मुताबिक डॉ. सुनील गुप्ता को दिखाया गया तो उन्होंने बच्चे की धड़कन जांच के लिए कलर डाप्लर कराने के लिए कहा। केंद्र पर महिला चिकित्सक डॉ. किरण जायसवाल तो मौजूद रही, लेकिन कलर डाप्लर की चाबी उनके पास रहने की वजह से जांच नहीं हो पाई। लिहाजा निजी अस्पताल जाना पड़ा। लेढ़ूपुर निवासी पूनम ने भी समय पर स्वास्थ्य केंद्र पर जांच न होने के बारे में बताया।
महिला जांच कराने नहीं आई
डॉ. किरण जायसवाल ने बताया कि सोमवार को वह स्वास्थ्य केंद्र पर थीं। इसके बाद भी गर्भवती महिला उनके पास जांच के लिए नहीं आई। अगर महिला आई होती तो बच्चे की धड़कन जांच कर उसे सही परामर्श दिया जाता। कलर डाप्लर स्वास्थ्य केंद्र की आलमारी में रखा गया और भूलवश उसकी चाबी घर पर छूट गई। मंगलवार को चाबी लेकर आएंगी।