ज्ञानपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा है, जिससे जनमानस को उनका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांवों में खोले गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का यही हाल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते हेल्थ वेलनेंस सेंटर बदहाल हैं। जिले के 6 ब्लाकों में 85 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, जिसमें ज्यादातर की स्थिति एक जैसी है। जनपद के कई हेल्थ वेलनेस सेंटर की बुधवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की, जिसमें कहीं पर ताला लटका था तो स्वास्थ्यकर्मी भी नहीं थे। सफाई व्यवस्था भी बदहाल दिखी। ज्ञानपुर नगर से सटे भिदिऊरा गांव में बुधवार दोपहर 11:30 बजे टेली कंसीटेल्सी पर ताला लटकता मिला। यही हाल चकसुंदरपुर में स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर का था। सेंटर के पास गंदगी इस कदर थी कि दो मिनट रुकना भी मुहाल था। वहीं, ठीक सामने खरपतवार का ढेर लगा था। गांव के देवेश, जय, चंदन, आशीष, विनोद ने बताया कि चकसुंदरपुर सेंटर कभी कभार ही खुलता है। वहीं, हेल्थ वेलनेंस सेंटर क्षत्रशाहपुर खुला था, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी नहीं थे। इसी तरह डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव के हेल्थ वेलनेस सेंटर का भवन जर्जर है। यहां बिजली और पानी की भी मुक्कमल व्यवस्था नहीं दिखी। जिले के ज्यादातर हेल्थ वेलनेस सेंटरों का यही हाल है, जहां से लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है।
कुछ हेल्थ वेलनेंस सेंटर पर काम चल रहा है। आपके माध्यम से जानकारी मिली है कि सेंटर पर ताला लटक रहा है, जांच करने के बाद दोषी पाए जाने के बाद स्वास्थ्यकर्मी पर कार्रवाही की जाएगी। - डॉ. बीएन सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, भदोही।