हर सेवानंद पब्लिक स्कूल में चल रहे एनसीसी कैंप में रमना पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी ने 275 कैडेटों को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की ट्रेनिंग दी। डॉक्टर द्विवेदी ने बताया की सीपीआर से 50-60 फीसदी लोगों की जान बचाई जा सकती है जो हृदयाघात के कारण सड़क या घर में गिरकर बेहोश हो जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सर्वे के अनुसार, देश में सीपीआर को लेकर मात्र एक फीसदी लोग प्रशिक्षित हैं। अचानक बातचीत कर बेहोश हो जाने वाले मरीजों में 90 फीसदी हृदय रोगी होते हैं। एनएमसी से मेडिकल व सीबीएसई कोर्स में इसे शामिल करने की भी बात चल रही है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट द्वारा गाइडलाइन भी तैयार की गई है। यह स्किल बेस्ड ट्रेनिंग है जिसे हर व्यक्ति सीख सकता है।