कोर्ट ने बड़ागांव के रामनगर गांव में हत्या के 13 साल बाद दोषी पति, सास, देवर और देवरानी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जिला जज संजीव पांडेय की अदालत ने बुधवार को सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने ससुराल वालों को दहेज प्रताड़ना का भी दोषी पाया। शादी के बाद 11 साल तक लगातार विवाहिता को प्रताड़ित किया गया था। एक नवंबर 2011 की रात विवाहिता साधना की हत्या कर दी गई थी।
इसका आरोप पति संताेष पांडेय, सास माधुरी, देवर मनोज पांडेय और देवरानी पूनम पांडेय पर लगा था। साधना और संतोष ने 1990 में शादी की थी। शादी के बाद से ही साधना को ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा। बीच में परिवार अदालत में मुकदमा चला और समझौता करा दिया गया। लेकिन, ससुराल वाले साधना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। 2011 में एक नवंबर की रात पति, सास, देवर और देवरानी ने मिलकर साधना की बेरहमी से हत्या कर दी।
10 गवाहों के दर्ज हुए बयान
बड़ागांव थाने की पुलिस ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में 10 गवाहों का बयान दर्ज कराया गया। बुधवार को दोषी पाते हुए आजीवन कैद की सजा सुनाई गई।