वहीं, शिवरामपुर खुर्द के चौकीदार की सूचना के आधार पर शव के पोस्टमार्टम के दौरान उसके पिता ने उसकी पहचान की। मामला वाराणसी से जुड़ा होने के कारण तत्कालीन एसपी जौनपुर के अनुरोध पर तत्कालीन आईजी जोन ने विवेचना बनारस स्थानांतरित कर दी। विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने मासूम के अपहरण के बाद जौनपुर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। फिर, ब्लेड से गला काटकर व पेट पर वार कर मासूम की हत्या कर दी और उसके शव को छिपा दिया। अदालत ने उसे दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।