फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तारीफ जरूरी: वाराणसी के 130 गांवों में लाइब्रेरी, युवाओं की किताबों से दोस्ती और मोबाइल से दूरी

Mon, 02 Oct 2023 03:16 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी जिले 130 गांवों में लाइब्रेरी बनी है। इससे युवाओं का किताबों के प्रति रुझान बढ़ा है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक लाइब्रेरी खुलती है। इंटरनेट की सुविधा भी है। लाइब्रेरी खुलने का फायदा सामने आ रहा है। युवा मोबाइल से दूरी बनाकर किताबें पढ़ रहे हैं। करीब एक लाख युवा लाइब्रेरी का फायदा उठा रहे हैं।
विज्ञापन
पुस्तकालय की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी जिले 130 गांवों में लाइब्रेरी बनी है। इससे युवाओं का किताबों के प्रति रुझान बढ़ा है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक लाइब्रेरी खुलती है। इंटरनेट की सुविधा भी है। लाइब्रेरी खुलने का फायदा सामने आ रहा है। युवा मोबाइल से दूरी बनाकर किताबें पढ़ रहे हैं। करीब एक लाख युवा लाइब्रेरी का फायदा उठा रहे हैं।

विज्ञापन


यूपी कॉलेज से बीएससी कर चुकीं श्रीजल सिंह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। पीजी पाठ्यक्रम के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की इच्छुक हैं। उनके गांव महदा (चोलापुर ब्लॉक) में खुली लाइब्रेरी पढ़ाई में मददगार साबित हो रही है। यहां उपलब्ध पाठ्य सामग्री व पुस्तकों से पढ़ाई आसान हो गई है। मुफ्त इंटरनेट की सुविधा भी मिल रही है।

बीसीए की छात्रा श्रेया सिंह भी अपने गांव की लाइब्रेरी का भरपूर फायदा उठा रही हैं। उनका कहना है कि लाइब्रेरी में आसानी से किताबें मिल जाती हैं। अच्छे माहौल के कारण पढ़ाई में मन लगता है। दिन भर मोबाइल में घुसे रहने वाले युवाओं को किताबें से जोड़ने की यह सार्थक पहल है।

विज्ञापन

सीएसआर फंड व सहयोग से बनी लाइब्रेरी
सीडीओ हिमांशु नागपाल की पहल पर कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड और ग्रामीणों के सहयोग से बनाया गया है। लाइब्रेरी में पुस्तकें भी लोगों के सहयोग से ही उपलब्ध कराई गई हैं। यहां पढ़ने वालों को मुफ्त इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यहां रखी किताबों में सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी मैटेरियल के अलावा उपन्यास आदि भी शामिल हैं।
विज्ञापन

356 और गांवों में भी खुलेगी लाइब्रेरी
जिले के 356 और गांवों में भी लाइब्रेरी खुलेगी। जिला विकास अधिकारी अशोक कुमार की निगरानी में काम चल रहा है। अक्तूबर और नवंबर तक सभी गांवों में लाइब्रेरी संचालित होने लगेगी।

युवाओं को उनके गांव में ही जरूरत की पुस्तकें व पाठ्य सामग्रियां मिल जाएं, इस लिहाज से लाइब्रेरी बनाई गई है। इसके कई फायदे मिलेंगे। युवा मोबाइल, सोशल मीडिया से दूरी बनाकर किताबें पढ़ रहे हैं। अब तक एक लाख युवा लाइब्रेरी से जुड़े हैं। - हिमांशु नागपाल, सीडीओ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें