एंटी करप्शन टीम वाराणसी मंडल ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए एक लेखपाल के प्राइवेट मुंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी मुंशी को यूपी कॉलेज गेट के पास इंडियन बैंक के समीप से मंगलवार दोपहर करीब 1:41 बजे गिरफ्तार किया गया। वहीं, मामले में आरोपी लेखपाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
शिकायतकर्ता कमल कान्त विक्रम (निवासी: जैपार (उन्हीं), थाना शिवपुर ने एंटी करप्शन थाना कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के पिता ओमप्रकाश सिंह द्वारा पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित खारिज-दाखिल (म्यूटेशन) के लिए आवेदन किया गया था।
आरोप है कि क्षेत्र के हल्का लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा खारिज-दाखिल कराने के एवज में 1,00,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जब शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर वार्ता हुई, तो लेखपाल ने अपने प्राइवेट मुंशी अशोक को मिलने के लिए भेजा। मुंशी अशोक ने शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के पास बुलाया और 1 लाख रुपये की रिश्वत प्राप्त की।
घात लगाए बैठी एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने मौके से ही आरोपी मुंशी अशोक कुमार (निवासी: डीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह) को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत के पूरे पैसे बरामद कर लिए।
कॉल रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत
पूछताछ में गिरफ्तार मुंशी ने कबूला कि लेखपाल के कहने पर ही वह रिश्वत लेने आया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें लेखपाल कुन्दन सिंह और मुंशी के बीच रिश्वत के लेन-देन से संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है।
लेखपाल की तलाश तेज
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नीरज सिंह ने बताया की घटना के बाद आरोपी लेखपाल कुन्दन सिंह (हल्का लेखपाल क्षेत्र सीरगोवर्धनपुर, तहसील सदर, वाराणसी) फरार है। एंटी करप्शन टीम तहसील सदर और अन्य संभावित ठिकानों पर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कैंट में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।