आईएमएस बीएचयू में ईएनटी विशेषज्ञों की संस्था (एसोसिएशन ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया) की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यशाला मिड एओआईकॉन 2026 का शनिवार को शुभारंभ हुआ। देश भर से 150 से अधिक प्रतिभागियों के साथ ही 60 विशेषज्ञ दो दिन तक नई तकनीक से ईएनटी शल्य चिकित्सा पर चर्चा करेंगे। पहले दिन प्रतिभागियों को देहदान में मिली डेडबॉडी पर शल्य चिकित्सा कर इससे जुड़ीं बारीकियां बताई गईं। केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह के आयोजन नवाचार एवं प्रयोगधर्मिता को प्रोत्साहित करने का माध्यम है। एसोसिएशन के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. नौशाद वी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं ईएनटी शल्य चिकित्सकों के कौशल को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. द्वैपायन मुखर्जी ने युवा ईएनटी चिकित्सकों से संगठन से जुड़कर उसके भविष्य को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने डिसेक्शन सत्रों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना काल में म्यूकरमाइकोसिस के उपचार में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन सचिव डॉ. विश्वम्भर सिंह ने विभाग की भावी योजनाएं बताईं। कहा कि रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में विभाग की पहल चल रही है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवा, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने किया।