बीटेक के छात्र ने किया सुसाइड
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कल तो प्रशांत दो बार आया, किताबें भी रख गया
इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट अकाउंटेंट गुरु प्रसाद पांडेय ने बताया कि प्रशांत उनके मामा का पुत्र था। वह अक्सर उनसे मिलने के लिए आता रहता था। उन्होंने बताया शाम को प्रशांत उनके पास दो बार आया और अपनी कुछ किताबें रखकर गया था। उससे बातचीत हुई। एक पल के लिए भी ऐसा अहसास नहीं हुआ कि उसने मन में आत्महत्या करने जैसा कोई फैसला भी कर रखा है।
परिवार की हरसंभव मदद करेगा विवि, भाई-बहनों को पढ़ाएगा: कुलपति
चौधरी चरण सिंह विवि की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला प्रशांत की आत्महत्या से काफी आहत हैं। नम आंखें और रुंधे गले से उनके मुंह से बस यही निकला ‘प्रशांत के माता-पिता पर क्या बीत रही होगी। इस खबर से मां का क्या हाल हुआ होगा। प्रशांत को ऐसा नहीं करना चाहिए था।’ उन्होंने मानवीयता दिखाते हुए बताया कि विवि प्रशासन न सिर्फ प्रशांत के परिवार की हरसंभव मदद करेगा बल्कि उसके भाई-बहनों को नि:शुल्क पढ़ाने के लिए तैयार है। उसके भाई-बहनों का विवि दाखिला करेगा और जहां तक वह पढ़ना चाहेंगे, वहां तक पढ़ाया जाएगा।