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हॉस्टल में आत्महत्या: हंसी-ठिठोली करने वाला प्रशांत फंदे से क्यों झूला, मेस में दोस्तों के साथ की थी मस्ती

Wed, 20 Sep 2023 07:51 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट अकाउंटेंट गुरु प्रसाद पांडेय ने बताया कि प्रशांत उनके मामा का पुत्र था। वह अक्सर उनसे मिलने के लिए आता रहता था। उन्होंने बताया शाम को प्रशांत उनके पास दो बार आया और अपनी कुछ किताबें रखकर गया था।
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मेरठ बीटेक छात्र सुसाइड केस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अक्सर हंसी-ठिठोली करने वाला सीसीएसयू में बीटेक के थर्ड ईयर का छात्र प्रशांत पांडेय मंगलवार को दोस्तों को रुलाकर हमेशा के लिए चला गया। अवाक दोस्तों की समझ नहीं आ रहा कि सुबह 9.20 से 10.25 बजे के बीच ऐसा क्या हुआ कि उसने फांसी लगा ली। छात्रों ने बताया कि प्रशांत काफी मिलनसार था और हमेशा मुस्कराकर ही बात करता था।

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बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशांत करीब तीन दिन पहले ही अपने घर बनारस से लौटकर आया था। चार पेपर में बैक आने से वो परेशान था। उसने पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा किया था, जिसमें 89 फीसदी अंक थे। पांचवें सेमेस्टर में 76 फीसदी अंक आए थे। जब उसकी छठे सेमेस्टर में चार विषयों में बैक आई तो वह काफी परेशान हो गया। कुछ समय बाद वह अपने घर चला गया। तीन दिन पहले लौटकर आया था। तब उसने विभाग के एक प्रोफेसर से बैक को लेकर चर्चा की, जिस पर प्रोफेसर ने स्पेशल बैक के फार्म भरने की सलाह दी तो वह फार्म भरने के लिए राजी हो गया।

एक रात पहले मेस में दोस्तों के साथ की थी मस्ती
हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि सोमवार की रात उसने मेस में खाना खाया और फिर रात तक हंसी-ठिठोली करते हुए इधर-उधर की बातें करते रहा। मंगलवार की सुबह नाश्ता कर रूम में लौटा तो रूम पार्टनर आदित्य और ऋषभ ने क्लास के लिए चलने को कहा तो उसने मन नहीं होने की बात कहते हुए जाने से इन्कार कर दिया। आदित्य और ऋषभ जब 10.25 बजे लौटकर हॉस्टल आए तो उन्हें घटना का पता चला।

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बीटेक के छात्र ने किया सुसाइड - फोटो : Amar Ujala
कल तो प्रशांत दो बार आया, किताबें भी रख गया
इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट अकाउंटेंट गुरु प्रसाद पांडेय ने बताया कि प्रशांत उनके मामा का पुत्र था। वह अक्सर उनसे मिलने के लिए आता रहता था। उन्होंने बताया शाम को प्रशांत उनके पास दो बार आया और अपनी कुछ किताबें रखकर गया था। उससे बातचीत हुई। एक पल के लिए भी ऐसा अहसास नहीं हुआ कि उसने मन में आत्महत्या करने जैसा कोई फैसला भी कर रखा है।

परिवार की हरसंभव मदद करेगा विवि, भाई-बहनों को पढ़ाएगा: कुलपति
चौधरी चरण सिंह विवि की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला प्रशांत की आत्महत्या से काफी आहत हैं। नम आंखें और रुंधे गले से उनके मुंह से बस यही निकला ‘प्रशांत के माता-पिता पर क्या बीत रही होगी। इस खबर से मां का क्या हाल हुआ होगा। प्रशांत को ऐसा नहीं करना चाहिए था।’ उन्होंने मानवीयता दिखाते हुए बताया कि विवि प्रशासन न सिर्फ प्रशांत के परिवार की हरसंभव मदद करेगा बल्कि उसके भाई-बहनों को नि:शुल्क पढ़ाने के लिए तैयार है। उसके भाई-बहनों का विवि दाखिला करेगा और जहां तक वह पढ़ना चाहेंगे, वहां तक पढ़ाया जाएगा।
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