काशी की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक श्री आदि रामलीला लाटभैरव वरुणा संगम की लीला के 482वें संस्करण का शुभारंभ 15 सितंबर को होगा। इस रामलीला की शुरुआत गोस्वामी तुलसीदास की इच्छा पर उनके मित्र मेघा भगत ने 1543 में की थी। रामलीला समिति के उपाध्यक्ष मनोज यादव के अनुसार आश्विन कृष्ण नवमी तिथि पर रामलीला की शुरुआत 15 सितंबर को मुकुट पूजन से होगा। इस विशेष रामलीला में राम और रावण जन्म, बाललीलाओं और गुरुकुल से जुड़े प्रसंगों का मंचन नहीं होता। रामलीला की शुरुआत सीधे राजगद्दी के प्रसंग से होती है। वनवास की समाप्ति पर लंका विजय कर लौटने के बाद श्रीराम की राजगद्दी के प्रसंग से ही रामलीला को विराम दिया जाता है। पहले दिन की लीला विशेश्वरगंज स्थित रामागंज में होगी।