विवेक ने बताया कि उनकी भतीजी वैभवी लड्डू गोपाल की टोकरी ली हुई थी। जब उससे पूछा गया तब उसे याद आया कि लड्डू गोपाल तो पहले वाले ऑटो में ही छूट गए हैं। इसके बाद विवेक ट्रेन छोड़ अपनी बहन के साथ गिरजाघर चौराहे पहुंचे। काफी खोजबीन की, लेकिन उनके अराध्य की मूर्ति नहीं मिली।
थक हार पर वो लक्सा थाने पहुंचे और लड्डू गोपाल को ढूंढने की गुहार लगाई। प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने ये कहकर उन्हें लौटा दिया कि फोर्स नहीं है। सभी की ड्यूटी जी-20 सम्मेलन में लगी है। ऐसे में सीसी कैमरे से खोजबीन करा पाना संभव नहीं है।