अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय अशोक कुमार यादव ने सोमवार को बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक लेखाकार कार्यालय में कुछ महिलाओं को बैठे देखकर भड़क गए। उन्होंने महिलाओं को शिक्षक समझकर विद्यालय के समय पर वहां बैठने का कारण पूछा, लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि वे शिक्षिकाएं नहीं हैं, कस्तूरबा विद्यालय की लिपिक हैं, जो लेखा से जुड़े किसी काम के सिलसिले में वहां पहुंचीं हैं। बीएसए कार्यालय में बिचौलियों की सक्रियता की शिकायत मिलने के बाद एसीएम द्वितीय जिलाधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी सावन के सोमवार के उपलक्ष्य में काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी थी। इस बीच कार्यालय में क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं मिल पाई।