पिछले साल ही पारंपरिक खेलों को स्कूलों में शामिल किया गया,
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एक साल में 14 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। पारंपरिक खेलों में काशी की बेटियां अदम्य साहस का परिचय दे रही हैं। माध्यमिक स्कूली में पहली बार पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। पहले साल ही अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए 14 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया है। केरल की कला से संबंधित कलारीपयट्टू की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तीन और मणिपुर की थांगता की प्रादेशिक प्रतियोगिता में काशी के 11 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें से बालिका में प्रीति पाल, गंगा साहनी, अर्पिता, अंशू, चानू, गायत्री और इशा गोंड शामिल हैं। वहीं, पारंपरिक खेलों में जिले के 300 खिलाड़ी अलग-अलग स्कूलों में प्रतिभा दिखा रहे हैं। रामनगर के राधा किशोरी बालिका इंटर कॉलेज की अनुराधा पांडेय ने बताया कि अयोध्या में हुई कलारीपयट्टू प्रतियोगिता में छह पदक जीतकर दो छात्राओं ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। बालक वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक जबकि थांगता की प्रादेशिक प्रतियोगिता में कॉलेज के सात खिलाड़ी खेलेंगे। प्रतियोगिता दिसंबर में दिल्ली में होगी। कलारीपयट्टू के दो इवेंट हाइक और छूआ दुग्गल में 11वीं की छात्रा गायत्री कुमारी जबकि नाैवीं की छात्रा श्रेया कुमारी उर्मी में खेलेंगी। इसके साथ ही सानिया गतका में दमखम दिखाएंगी। इसी प्रतियोगिता के बालक वर्ग में पीएन कॉलेज रामनगर के 11वीं के छात्र सत्यम पाल कलारीपयट्टू के छूआ दुग्गल में खेलेंगे। इस खेल में आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया जाता है।
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वर्जन
नये खेल की वजह से खिलाड़ियों के लिए इसे अपनाना आसान नहीं था। विद्यार्थियों को मोटिवेट करने के साथ ही विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शिक्षा विभाग ने तीन वर्ष के लिए पारंपरिक खेलों को स्कूलों में शुरू कराया। - प्रभास झा, प्रधानाचार्य, पीएन कॉलेज
बॉक्सिंग में दम दिखाकर अब कुश्ती में मनवा रहीं लोहा वाराणसी। देहरादून में हुई कुश्ती प्रतियोगिता में कपसेठी की खुशी सिंह ने स्वर्ण जीतकर उज्बेकिस्तान में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया है। खुशी ने बताया कि 70 किलो भार वर्ग में यूपी का प्रतिनिधित्व करते हुए जीत हासिल की है। खुशी पहले बॉक्सिंग खेलती थीं। 2020 में जयपुर में अंतर विश्वविद्यालय मुक्केबाजी में वह स्वर्ण जीत चुकी हैं। लगातार सात प्रतियोगिताओं में चार स्वर्ण और तीन रजत कर काशी का मान बढ़ाया है। संवाद