परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया आरोप, किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आए राजस्थान के एक श्रद्धालु रामप्रकाश शर्मा (62) की तबीयत बिगड़ गई। वह मंदिर परिसर में चक्कर खाकर गिर गए। परिजन उन्हें तत्काल पुलिस की मदद से मंडलीय अस्पताल लेकर गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन उनका अंतिम संस्कार जयपुर में करेंगे। रामप्रकाश जयपुर में सदगुरु कॉलेज के मालिक थे। वह गर्भगृह के बाहर 20 मिनट तक लाइन में लगे थे। ऐसे में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद शव सौंप दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इसे खारिज किया। कहा कि मरीज जैसे ही अस्पताल में आया उसे तुरंत इलाज दिया गया। राजस्थान के जयपुर निवासी रामप्रकाश शर्मा परिवार के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आए थे। बृहस्पतिवार सुबह वह मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लगी कतार में खड़े थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पड़े। लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल संभाला। प्राथमिक सहायता देने के बाद एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के नाती गगन शर्मा का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी नाना का इलाज समय पर शुरू नहीं किया गया। एसआईसी डॉ़ बृजेश कुमार ने बताया कि जब वह आए तो बेहोश थे। दो बोतल पानी चढ़ाया गया। उनका शुगर लेवल 400 था। इलाज में कोई कमी नहीं रही। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पत्नी और अन्य परिजन शव से लिपटकर बिलखते रहे। थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि कानूनी प्रकिया पूरी कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव लेकर जयपुर के लिए निकल गए।