रामपंथ और विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में अनुसूचित और आदिवासी महिलाएं गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार के साथ काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं। पहली बार बाबा विश्वनाथ के मंदिर में दर्शन-पूजन किया। बाबा विश्वनाथ के दरबार में किसी के भी दर्शन-पूजन की मनाही नहीं है, लेकिन इन समाज से जुड़े लोग संकोच करते थे।
इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि सामाजिक समरसता और समानता की क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। अब गांव-गांव से चलो विश्वनाथ दरबार का नारा गूंजेगा। मंदिर से बाहर निकली महिलाओं ने कहा कि जब से उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम की चर्ची सुनी थी तभी ये यहां आकर दर्शन-पूजन करने का मन था। आज यहां आकर धन्य हो गई। सभी ने बाबा के भव्य दरबार को देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।