विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दबाव में जांच कमेटी तो गठित कर दी। जांच समिति में मनोविज्ञान विभाग के प्रमुख, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन और वाणिज्य व मनोविज्ञान विभाग के दो शोधार्थियों ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें परीक्षार्थी द्वारा परीक्षा केंद्र पर अनुचित साधनों को अपनाने से इनकार किया गया था।
कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। एलएलबी प्रवेश परीक्षा फिर से कराने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही इसकी तिथियां भी जारी की जाएंगी।
कोर्ट ने आठ दिसंबर को सुनवाई के दौरान प्रवेश परीक्षा के दौरान ली गई 30 घंटे की वीडियो फुटेज को देखा। फुटेज देखने के बाद कोर्ट ने यह माना था कि प्रवेश परीक्षा के दौरान लापरवाही बरती गई। कोर्ट ने इस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को 15 दिसंबर को हाजिर होने का आदेश दिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एलएलबी प्रवेश परीक्षा को निरस्त करने के साथ ही जांच करने वालों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।