काशी तमिल संगमम: केंद्रीय लोक संचार ब्यूरो, सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी को
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मेहमान दो दिसंबर को, हेरिटेज से जुड़े चार दिसंबर, नव उद्यमियों का दल सात दिसंबर को पहुंचेगा। जबकि प्रोफेशनल्स का दल आठ दिसंबर, मंदिर के पुजारियों, महंतों और अर्चकों का दल दस दिसंबर, ग्रामीण-कृषकों का दल 13 दिसंबर को और संस्कृतिकर्मियों का दल 15 दिसंबर को वाराणसी आएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों शनिवार को काशी तमिल संगमम के उद्घाटन के बाद बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में पहुंचे काशीवासियों के दिल को तमिल संस्कृति और वहां के परिधान भा गए। संगमम में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ी रही है। काशी व तमिलनाडु के सांस्कृतिक, कलात्मक आदान-प्रदान के लिए शुरू हुए काशी तमिल संगमम में लगी प्रदर्शनी देखने पहुंच रहे हैं। तमिलनाडु से आए उद्यमियों के चेहरे पर भी उत्साह है। उनके उम्मीद के हिसाब के हो रही बिक्री से वो काफी खुश हैं।
बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में लगी प्रदर्शनी में महिलाएं कांजीवरम साड़ी को अधिक पसंद कर रही हैं। यहां लोगों की जरूरत के हिसाब से तीन हजार से लेकर 40 हजार तक कीमत वाली साड़ी लगी है। इसके साथ ही लोगों को तमिलनाडु की लकड़ी की ज्वेलरी भी खूब पसंद आ रही है। प्रदर्शनी में आई चित्रा ने बताया कि कांजीवरम की साड़ियां काफी पसंद हैं और यहां पर अच्छी साड़ियां हैं।
काशी-तमिल के कलाकारों ने रविवार को अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस दौरान गायन, वादन की जुगलबंदी के बीच नृत्य की मनोहारी छटा भी बिखरी रही। तमिलनाडु से आए कलाकारों ने भरतनाट्यम, लोकगीत, लोकनृत्य की प्रस्तुति दी तो पंबाई वाद्याम में वाद्ययंत्रों के माध्यम से कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिली। इसके बाद बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय के नृत्य विभाग के विद्यार्थियों ने डॉ. विधि नागर के निर्देशन में कथक की प्रस्तुति कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
काशी तमिल संगमम में साड़ी के स्टॉल
- फोटो : अमर उजाला
बनारसी व्यंजन में तमिलनाडु के मसाले का तड़का लगेगा। स्टॉल पर मौजूद अंकित ने बताया कि तमिलनाडु के 38 जिलों की खाद्य सामग्रियां यहां लगी हैं। इसमें सबसे ज्यादा मसालों की खरीद हो रही है। जिसमें तमिलनाडु के ईरोड जिले की हल्दी, गरम मसाला के साथ ही अन्य मसाले की खरीद हो रही है।