बीएचयू के अटल इंक्यूबेशन सेंटर की ओर से काशी तमिल संगमम् के प्रतिष्ठित छात्र प्रतिनिधिमंडल के लिए सीडीसी भवन, बीएचयू में एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां तमिल डेलीगेट्स को नवाचार, उद्यमिता और एआईसी-बीएचयू के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से परिचित कराया गया। प्रो. राजकिरण प्रभाकर ने काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए काशी तमिल संगमम् की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. प्रभाकर ने कहा कि यह आयोजन दोनों क्षेत्रों की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम है। उन्हें बताया कि एआईसी-बीएचयू युवा उद्यमियों को इंक्यूबेशन सुविधाएं, अत्याधुनिक अवसंरचना, अनुभवी मेंटरशिप और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराता है।आइडिया-स्टेज से लेकर मार्केट-स्टेज तक सशक्त बनाता है। एआईसी-बीएचयू की प्रबंधक डॉ. परिशा मालू, मृत्युंजय सिंह, श्वेता सिंह, मितिलेश सिंह, रोहित तिवारी और आयुष साहू ने अपने स्टार्टअप सफर, चुनौतियों और अनुभवों को बताया।