बैठक में तय किया गया कि 17 नवंबर से आईआरसीटीसी द्वारा तमिलनाडु से 200 से 250 के समूह में दो-दो दिन के अंतराल पर वहां के हर वर्ग के लोगों को लाया जाएगा। जिसे 12 श्रेणियों में बांटते हुए धार्मिक परंपरा व मान्यताओं, संस्कृति व सभ्यता, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट के कारीगर काशी आएंगे। शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम बीएचयू में आयोजित होंगे। वहीं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम आईएमए, बुनकरों के कार्यक्रम टीएफसी व सांस्कृतिक कार्यक्रम अस्सी स्थित मुरारका में होगा।
तमिल समागम के लिए भारत सरकार की ओर से वेबसाइट लांच किया जाएगा। जिस पर लोगों को पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद स्क्रीनिंग कमेटी लोगों का चयन करेगी। जिसमें 2500 लोगों का चयन होगा। समागम में 12 दल अलग-अलग दल आएंगे, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, साहित्य से जुड़े लोग, संस्कृति, व्यापार व प्रोफेशन से जुड़े लोग, उद्यमी, कारोबारी, हेरिटेज, धर्म से जुड़े लोग, किसान, पंचायत से जुड़े अलग-अलग दल के लोग होंगे।