डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को काशी के सांस्कृतिक गलियारे विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि काशी को सिर्फ हेरिटेज शहर कहकर काम नहीं चलाया जा सकता। काशी गंगा की तरह प्रवाहमान होकर विकसित होने वाला शहर है। आईआईटी बीएचयू की विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. अमिता सिन्हा ने मणिकर्णिका घाट पर आधारित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। बीएचयू के वरिष्ठ प्रो. संजय कुमार ने कहा कि बनारस स्थिर रहने वाला शहर नहीं है। इस शहर को कोई नियंत्रित नहीं कर सकता। यह स्वयं से संचालित होता है। वहीं, आईसीएसएसआर सदस्य सचिव प्रो. धनंजय सिंह ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, डॉ. महिमा सिंह और डॉ. इंद्रजीत मिश्रा आदि मौजूद रहे।