कर्नाटक सरकार उत्तर प्रदेश के साथ सामंजस्य स्थापित कर नई तकनीक के साथ प्रदेश में रेशम उत्पाद को बढ़ावा देगी। मंत्री सहित कर्नाटक रेशम बोर्ड व प्रदेश के रेशम बोर्ड के अधिकारियों ने सर्वे कर लिया है। जल्द ही कर्नाटक रेशम का एक कार्यालय मीरापुर बसही में खोला जाएगा। कर्नाटक के रेशम व युवा कल्याण मंत्री डॉ. केसी नारायण गोंडा ने सारनाथ स्थित एक होटल में कहा कि बनारस के किसानों को रेशम की खेती की नई तकनीक सीखाकर उत्पादन बढ़ा कर उनके जीवन स्तर को उठाना है। कर्नाटक में अधिकांश किसान रेशम की अच्छी पैदावार कर जीवकोपार्जन कर रहे हैं। किसानाें ने मेहनत के साथ-साथ तकनीक को भी अपनाया है। कर्नाटक देश में 48 प्रतिशत रेशम का अकेले उत्पादन करता है। सर्वे के दौरान पता चला कि अकेले वाराणसी में 2250 मीट्रिक टन रेशम की मांग है। लेकिन उत्तर प्रदेश में मात्र 7000 हेक्टेयर प्रतिवर्ष उत्पादन हो पा रहा है। जिसके कारण उत्तर प्रदेश के किसानों व बुनकरों को बाहर के रेशम पर आश्रित होना पड़ रहा है। रेशम की खेती से किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा।