वाराणसी। काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में फुल बॉडी सैनिटाइजेशन के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा। किसी भी भक्त को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और बिना मास्क वालों को भी नहीं अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास का इंतजाम किया गया है। बृहस्पतिवार को कालभैरव मंदिर को 8 जून से खोलने के लिए महंत परिवार के सदस्यों ने विचार विमर्श किया। महंत परिवार के रमानाथ दुबे ने बताया कि प्रवेश के लिए सरकार के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए हैंड और फुल बॉडी सैनिटाइजेशन के बाद श्रद्धालुओं को बाबा कालभैरव का दर्शन उपलब्ध होगा। गर्भगृह में पुजारियों के अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर में प्रवेश के पहले थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और यदि कोई बीमार मिला तो उसको चिकित्सालय भेजा जाएगा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का नाम-पता भी दर्ज किया जाएगा। मंदिर को सुबह और शाम दो बार अच्छी तरह से सैनिटाइज किया जाएगा। इसके अलावा संकटमोचन और दुर्गा मंदिर में भी शासन के निर्देशानुसार तैयारियां की जा रही हैं। बैठक के दौरान नवीन गिरि, सुमित उपाध्याय, मोहित, दीपक दुबे, ओमु दुबे, रोहित, पिंटू गिरि सहित महंत परिवार केसभी सदस्य मौजूद रहे।