नौ दिवसीय श्री चंडी महायज्ञ के बुधवार को दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में यज्ञ स्थल से कलशयात्रा निकाली गई। दुर्गाकुंड, पद्मश्री चौराहा, अस्सी चौराहा होते हुए अस्सी घाट पहुंची। मां गंगा का विधि-विधान के साथ पूजन अर्चना कर फिर वापस यज्ञ स्थल पहुंची। वहां कलश को यज्ञशाला में वेदी पर स्थापित किया गया। इसके बाद वैदिक विद्वानों ने पंचांग पूजन सहित कई तरह का पूजन कर नौ दिवसीय चंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया। महायज्ञ के संकल्पकर्ता और दुर्गा मंदिर के महंत पंडित रमेश महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में मानव उत्थान और जगत कल्याण के लिए आदिशक्ति की आराधना जरूरी है। इन मनोरथों को पूरा करने के उद्देश्य से यह महायज्ञ हो रहा है।