विशेष विमान से वाराणसी पहुंचे 80 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के समक्ष लखनऊ से आए विशेषज्ञों ने दी प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
सारनाथ। बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरे सारनाथ को यूपी और बिहार के प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थलों से जोड़ा जाएगा। सोमवार को 80 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल बाबतपुर पहुंचा। दल से सारनाथ के प्रमुख बौद्ध मंदिरों और पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण किया। बुद्धा थीम पार्क में आधे घंटे तक पर्यटन विकास से संबंधित प्रजेंटेशन देखा।
जापानी बौद्ध धर्मगुरु सेंसुई केमुरा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत और अधीक्षण पुरातत्वविद अविनाश मोहंती ने किया। करीब 40 मिनट पुरातत्व संग्रहालय में भ्रमण करने के बाद दल पुरातात्विक खंडहर परिसर में पहुंचा। यहां धमेख स्तूप, प्राचीन मूल गंध कुटी विहार की ऐतिहासिकता से रूबरू हुए। 3.40 बजे श्रीलंका मंदिर पहुंचा जहां पर भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन किया। महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु सुमितानंद थेरो के नेतृत्व में पूजन-अर्चन करने के बाद जापानी डेलीगेट्स बुद्धा थीम पार्क गए।
यहां लखनऊ से आए प्रतिनिधिमंडल ने बौद्ध धर्मस्थलों के विकास ओर उसे आपस में जोड़ने और पर्यटन सुविधा विकास से संबंधित जानकारियां हासिल कीं। उपनिदेशक पर्यटन ने बताया कि जापानी दल को काशी के अलावा श्रावस्ती, संकिसा, कुशीनगर में पर्यटन विकास योजनाओं की जानकारी देने के लिए साथ बोधगया को इससे जोड़ने की जानकारी दी गई। सारनाथ के बारे में गाइड हरीशचंद्र ने बताया। इस मौके पर आरके मौर्या, जे राजू, रमेश यादव, रमेश सिंह, विजय यादव, अरविंद सिंह मौजूद रहे।