काशी विश्वनाथ धाम में मना कृष्ण जन्मोत्सव
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काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित श्रीश्री 1008 अक्षयवट हनुमान मंदिर के महंत परिवार के सदस्यों ने मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। बुधवार की सुबह नंदलाल की प्रतिमा को परिसर में विराजमान कराया गया। गंगाजल स्नान कराकर नूतन वस्त्र धारण कराया गया। तुलसी, गुलाब, टेंगरी की मालाओं से शृंगार किया गया। फिर मुकुट और बंशी लगाकर आरती की गई। दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा। मध्यरात्रि लग्नानुसार लड्डू गोपाल का जन्म कराया गया। भव्य श्रृंगार कर महाआरती की गई। इस दौरान मंदिर परिसर को गुब्बारों और विद्युत झालरों से सजाया गया था। जन्मोत्सव के वक्त महिलाओं ने सोहर गीत गाए। भक्तों में पंचामृत, भोग प्रसाद वितरित किया गया।
श्याम मंदिर लक्सा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव शुरू
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व के अवसर पर इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय महामहोत्सव बुधवार को शुरू हुआ। सुबह से ही धर्मसंघ एवं इस्कॉन मंदिर प्रांगण में हरि नाम संकीर्तन,भजन एवं श्रीकृष्ण कथा का आयोजन शुरू हो गया। भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक, शृंगार, आरती व प्रसादम के साथ उनके दर्शन पूजन का क्रम अनवरत चलता रहा। पूरे मंदिर परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया था। धर्मसंघ प्रांगण में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम में बच्चों ने राधा,कृष्ण,बाल सखा के मनमोहक रूप में सज-धज कर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।
माथे पर लड्डू गोपाल और होठों पर राधे कृष्ण का महामंत्र जपते हुए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। इसके साथ ही हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसायटी की ओर से तीन दिवसीय श्री कृष्ण प्राकट्योत्सव का शुभारंभ हो गया। बैंड बाजे की धुन पर महामंत्र का जाप करते हुए झूमते नाचते भक्तों की टोली आगे बढ़ रही थी। अन्नपूर्णा नगर कालोनी से भगवान श्रीकृष्ण एवं श्री लड्डू गोपाल की शोभायात्रा आरंभ हुई। वैष्णव परिधान में भक्त शंखनाद और डमरू दल की थाप पर कदम से कदम मिलाते हुए चल रहे थे।
रास्ते में पड़ने वाले मंदिरों पर शंखनाद करते हुए वैष्णव भक्तों की टोली आगे बढ़ रही थी। शोभायात्रा के अंत में माहेश्वरी भवन के पास आरती के बाद श्री राधागोविंद जी, श्री जगन्नाथ देव, श्री बलदेव जी एवं सुभद्रा महारानी के श्री विग्रहों को तीन दिन के लिए स्थापित किया गया।