फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाम से जंग लड़ रहा जंगमबाड़ी बाजार

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। पूर्वांचल के सबसे बड़े फर्नीचर बाजार जंगमबाड़ी इन दिनों सरकारी तंत्र की उपेक्षा का शिकार है। पार्किंग व जाम की समस्याओं से ग्रसित ग्राहकों परेशान होते हैं। आटो ई-रिक्शा स्टैंड से जाम और ग्राहकों की वाहनों के लिए बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। मूलभूत सुविधाओं की कमी से यह बाजार जूझ रहा है। फर्नीचर, कपड़ा, साड़ी-सूट, ज्वेलरी, स्ट्रीट फूड आदि की छोटी-बड़ी मिलाकर 300 दुकानों वाले इस बाजार में रोजाना पांच हजार से अधिक ग्राहकों और दक्षिण भारतीय पर्यटकों का जुटान होता है। लेकिन न तो शौचालय और न ही स्वच्छ पेयजल की सुविधाएं ग्राहकों व व्यापारियों के लिए मुहैया हो सकी हैं। व्यापारियों के अनुसार कई बार शिकायत के बावजूद न तो जिला प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने वादा निभाया।
विज्ञापन

जाम और पार्किंग का हल निकल जाए तो बाजार में असुविधाएं खत्म हो जाए। -अजय जायसवाल
महिलाओं के लिए एक शौचालय नहीं है। बाजार में निर्माण जल्द से जल्द हो।- प्रकाश, व्यापारी
पटरियां कई जगह से क्षतिग्रस्त होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।- प्रमोद यादव, व्यापारी
आटो-ई-रिक्शा स्टैंड कहीं और चला जाए तो फिर राहत मिल जाए। अजीत जायसवाल, व्यापारी
वाहनों के खड़े होने को लेकर पार्किंग का स्थान चिह्नित होना चाहिए। अर्जुन कन्नौजिया, ग्राहक
प्रशासन की अनदेखी से इस बाजार में ग्राहकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। -नितिन अग्रवाल, ग्राहक
शौचालय की व्यवस्था बाजार में होनी चाहिए। सफाई पर भी प्रशासन ध्यान दे। - हरीश खुराना, ग्राहक
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से मजबूरी में वाहनों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। - प्रदीप सिंह, ग्राहक
प्रमुख समस्याएं
पार्किंग का इंतजाम नहीं
शुद्ध पेयजल की किल्लत
शौचालय की कमी
सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त
ई-रिक्शा स्टैंड से जाम
सुझाव
पार्किंग का इंतजाम हो
शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो
पांच से छह शौचालय बने
पटरियों का इंटरलाकिंग हो
सुंदरीकरण किया जाए
बाजार से आटो स्टैंड हटे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें