सार
Varanasi News: जैन मुनि ने भदैनी स्थित तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने यहां पर दर्शन पूजन, ध्यान, भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकरों की आराधना की। इसके बाद भगवान श्रेयांशनाथ और भगवान चंद्रप्रभु का भी दर्शन करेंगे।
मध्यप्रदेश के भिंड जिले से 37 दिनों में 514 किमी की दूरी तय कर आठ जैन मुनि शनिवार को काशी पहुंचे। उन्होंने काशी के चार जैन मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और प्रवचन के जरिये अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया।
भिंड से एक फरवरी से निकले आठ जैन मुनियों सहित 22 भक्तों का दल महाशिवरात्रि पर 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंचा। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में आए दल ने पूजन-अर्चन के बाद संध्या वंदन किया। इसके बाद उन्होंने भदैनी स्थित तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने यहां पर दर्शन पूजन, ध्यान, भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकरों की आराधना की। इसके बाद भगवान श्रेयांशनाथ और भगवान चंद्रप्रभु का भी दर्शन करेंगे।
मुनियों ने प्रवचन में किसी पर क्रोध न करने, मन न दुखाने, हिंसा न करने, जीवों पर दया करने और ध्यान करने आदि का संदेश दिया। दल में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के अलावा नेमी सागर, प्रांजल सागर, प्रवीर सागर, प्रत्यक्ष सागर, प्रज्ञान सागर, प्रसिद्ध सागर, छुल्लक प्रमेश सागर शामिल हैं। ये दल 394 किमी की दूरी तय कर झारखंड के सम्मेद शिखर जाएगा। जैन मुनि रोजाना सूर्याेदय से सूर्यास्त तक 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं।