आईएमएस बीएचयू में निदेशक पद के लिए होने वाले साक्षात्कार की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। कुलपति आवास पर सुबह 10 बजे से देर शाम तक चली प्रक्रिया में 13 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार दिया। इसके साथ ही निदेशक पद का लिफाफा भी बंद हो गया। बीएचयू को अगला निदेशक कब मिलेगा इसका फैसला जल्द होने की संभावना है।
बीएचयू में अप्रैल 2021 से ही आईएमएस निदेशक का पद खाली है। नियुक्ति के लिए 24 अभ्यर्थियों ने आवेदन भरा था। साक्षात्कार के लिए 14 लोग चयनित हुए। कुलपति आवास पर नीति आयोग के सदस्य और आईएमएस बीएचयू बोर्ड ऑफ गर्वनिंग बॉडी के सदस्य डॉ. वीके पाल, कुलपति प्रो. सुधीर जैन के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव समेत कुल आठ लोग लोगों ने बारी-बारी से साक्षात्कार लिया। खास बात यह रही की आईएमएस बीएचयू के बाहर के आवेदकों का साक्षात्कार सबसे पहले लिया गया। इसके बाद बीएचयू के प्रोफेसर ने साक्षात्कार दिया। एक दावेदार ऑनलाइन साक्षात्कार देना चाहते थे, जिन्हें मना कर दिया गया।
पांच साल का कार्यकाल पूरा करना बड़ी चुनौती
वाराणसी। आईएमएस निदेशक पद पर तैनाती के बाद पांच साल का कार्यकाल पूरा करना बड़ी चुनौती है। 2020 में हुए साक्षात्कार में चयन समिति ने पीजीआई चंडीगढ़ के प्रो. बीआर मित्तल के नाम पर मुहर लगाई थी। उन्होंने डेढ़ साल बाद ही इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारण बताया था, लेकिन उनके सरकारी आवास में निर्माण और मरम्मत करने के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने पर सवाल भी उठे थे। आरटीआई में इसकी पुष्टि भी हुई। इसके बाद खर्च की शिकायत भी स्वास्थ्य मंत्रालय सहित अन्य जगहों पर की गई थी लिहाजा जुलाई 2021 को इस्तीफा दे दिया। तब से प्रो. एसके सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ब्यूरो
ऑनलाइन नहीं थी इजाजत, सदस्य रहे मौजूद
वाराणसी। साक्षात्कार के लिए इस बार किसी भी दावेदार को ऑनलाइन शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई थी। खास बात यह रही कि साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल सभी विशेषज्ञ भी कुलपति आवास पर ही मौजूद रहे। सबने दावेदारों से बड़ी बेबाकी के साथ सवाल पूछे। 2020 में ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया था। साथ ही तीन विशेषज्ञ भी ऑनलाइन शामिल हुए थे। ब्यूरो