फर्रुखाबाद से वाराणसी घूमने आया बीएससी थर्ड ईयर का एक छात्र 15 दिन से लापता है। छात्र के मां-बाप उसकी खोजबीन में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से मदद नहीं मिल पा रही है। भेलूपुर थाने की अस्सी चौकी के इंचार्ज राजकुमार वर्मा का दो टूक कहना है कि अभी हम जी-20 सम्मेलन की बैठक देखें या लड़का खोजें। अब जो कुछ भी होगा वह 13 जून के बाद ही हो पाएगा।
फर्रुखाबाद जिले के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के कुइयावूट बाईपास निवासी शिक्षक रामकिशोर यादव ने बताया कि उनका इकलौता बेटा देवांश यादव बीते 25 मई को वाराणसी आया था। 26 मई की शाम देवांश के दोस्त श्रीवत्स से उसकी बात हुई तो उसने बताया कि वह अस्सी क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा है। 27 मई को श्रीवत्स ने फोन किया तो देवांश का मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। श्रीवत्स ने होटल के रिसेप्शन पर फोन किया तो पता लगा कि देवांश अपने कमरे में नहीं है। उसका लैपटॉप और बैग उसके कमरे में ही था। श्रीवत्स ने देवांश की परिचित बीएचयू की छात्रा अनुष्का को फोन किया। अनुष्का ने बताया कि देवांश से उसकी लड़ाई हुई थी, इसलिए वह उसके बारे में नहीं जानती। रामकिशोर यादव ने बताया कि इसके बाद भी देवांश के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो वह और उनकी पत्नी 29 मई को वाराणसी आए। काफी हुज्जत के बाद उच्चाधिकारियों के आदेश से उनकी तहरीर के आधार पर कानपुर आउटर की रहने वाली बीएचयू की छात्रा अनुष्का तिवारी, उसके पिता सौरभ तिवारी और चाचा सौजन्य तिवारी के खिलाफ भेलूपुर थाने में अपहरण और धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। रामकिशोर ने कहा कि बीएचयू की छात्रा, उसके मां-बाप और चाचा ने उनके बेटे की हत्या कर उसका शव गायब कर दिया है।
अब डीजीपी के पास जाकर लगाएंगे गुहार
रामकिशोर यादव ने बताया कि जिनके खिलाफ हमने नामजद मुकदमा दर्ज कराया है, उनसे पूछताछ करने के लिए पुलिस से कहा। इस पर पुलिस ने जवाब दिया कि ऐसे कैसे पूछताछ कर लें। कुछ प्रमाण मिले, तब पूछताछ करेंगे। वाराणसी की पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। इसलिए अब वह लखनऊ जाकर डीजीपी से कार्रवाई की गुहार लगाएंगे।