आईएमएस बीएचयू के डेंटल फेकल्टी में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार को थ्रीडी इंट्रा ओरल स्कैनिंग के बारे में जानकारी दी गई। डॉक्टर्स ने बताया कि ओरल स्कैनिंग से दांतों, मुख संबंधी समस्याओं के बारे में सही जानकारी मिलती है। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में चल रहे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल मेडिकल छात्रों को मरीजों पर आधारित इम्प्लांट सर्जरी और प्रोस्थेटिक पुनर्वास से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं से रूबरू कराया गया। डॉ. राजेश बंसल ने बताया कि इसमें प्रतिभागियों को इम्प्लांट प्लेसमेंट से जुड़ी बारीकियां बताई गईं। इस दौरान एकल दंत प्रतिस्थापन के लिए इम्प्लांट लगाया गया जबकि जटिल मामलों में एक ही जबड़े में तीन से सात इम्प्लांट लगाकर कई दांतों के प्रतिस्थापन की प्रक्रिया भी सिखाई गई। डॉ. बंसल ने बताया कि मालवीय डेंटल इम्प्लांट को बीएचयू के दंत विज्ञान संकाय एवं आईआईटी-बीएचयू की ओर से विकसित किया गया है।